स्वदेशीकरण के जरिए वायुसेना के बेड़े के रखरखाव की जरूरत : सीडीएस अनिल चौहान

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नई दिल्ली : भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने गुरुवार को वायुसेना मुख्यालय (वायु भवन) में आईएएफ कमांडरों के सम्मेलन (एएफसीसी) में शामिल हुए। यहां उन्हें भारतीय वायुसेना की परिचालन संबंधी तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई। सम्मेलन में उपस्थित भारतीय वायुसेना के कमांडरों से बात करते हुए सीडीएस ने स्वदेशीकरण बढ़ाने की दिशा में कदम उठाते हुए बेड़े के रखरखाव के लिए एक स्पष्ट मार्ग तैयार करने की जरूरत पर प्रकाश डाला। जनरल अनिल चौहान ने तीनों सेवाओं के बीच एकीकरण बढ़ाने की रूपरेखा और इससे होने लाभों पर भी चर्चा की।

बुधवार को शुरू हुए इस साल के तीन दिवसीय एयरफोर्स कम्युनिकेशन कमांड (एएफसीसी) का विषय ‘बियॉन्ड बाउंड्रीज रोबस्ट फाउंडेशन’ है। प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में गत वर्ष और भविष्य की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गयी। सम्मेलन के दौरान विभिन्न सरकारी संगठनों और शिक्षाविदों के विचार आमंत्रित किए जाते हैं, जिन पर सेना प्रमुखों और नौसेना कर्मियों द्वारा विचार-विमर्श किया जाता है।

वहीं दूसरी ओर, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) हेलेनिक एयर फोर्स द्वारा आयोजित एक बहु-राष्ट्रीय वायु अभ्यास इनियोचोस-23 में भाग लेने जा रही है। इस अभ्यास का संचालन ग्रीस के एंड्राविडा एयर बेस में 24 अप्रैल से 04 मई तक किया जाएगा। भारतीय वायुसेना चार एसयू-30 एमकेआई तथा दो सी-17 विमानों के साथ भाग लेगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाली वायु सेनाओं के बीच अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, तालमेल और अंत पारस्परिकता में वृद्धि करना है। यह अभ्यास यथार्थवादी युद्ध परिदृश्य में संचालित किया जाएगा, जिसमें वायु तथा सतह परिसंपत्तियों के विविध प्रकार शामिल रहेंगे। यह भाग लेने वाले दलों को एक दूसरे की सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि उपलब्ध कराते हुए पेशेवर पारस्परिक क्रियाओं में शामिल होने में भी सक्षम बनाएगा।

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